बसे पहले समझना ज़रूरी है Neurological Disorder कोई जानलेवा बीमारी नहीं है, लेकिन अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह बच्चे के विकास पर गहरा असर डाल सकती है।
बार-बार गिरना और चोट लगना
स्कूल में पीछे रह जाना
आत्मविश्वास की कमी
दूसरों के सामने झिझक और शर्म
सामाजिक व्यवहार में कठिनाई
रोजमर्रा के छोटे कामों में भी संघर्ष
लंबे समय तक अनदेखी करने पर बच्चा मानसिक रूप से निराश और हतोत्साहित महसूस कर सकता है।
इसलिए जल्दी पहचान और सही मार्गदर्शन बहुत ज़रूरी है।
आजकल कई माता-पिता यह महसूस करते हैं कि उनका बच्चा उम्र के अनुसार चलने-फिरने, लिखने या रोज़मर्रा के कामों में तालमेल बनाने में कठिनाई महसूस कर रहा है।
बार-बार गिरना, पेंसिल ठीक से पकड़ न पाना, जूते के फीते बाँधने में दिक्कत या ध्यान की कमी — ये संकेत DMD, Dystonia, Muscular Dystrophy, Epilepsy, Brain Injury, MR या Scissors आदि से जुड़े हो सकते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार जब मस्तिष्क और स्नायु तंत्र (नर्वस सिस्टम) को उचित पोषण और संतुलन नहीं मिलता, तो शरीर का समन्वय प्रभावित हो सकता है। समय रहते सही सहयोग न मिले तो बच्चे का आत्मविश्वास और सीखने की गति दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
इसी सोच के साथ तैयार किया गया है — MB-JEEVA PURE AYURVEDA CARE
एक आयुर्वेदिक फॉर्मूला जो बच्चों में:
मस्तिष्क पोषण
बॉडी कोऑर्डिनेशन सपोर्ट
मोटर स्किल्स विकास
फोकस और संतुलन
को प्राकृतिक रूप से समर्थन देने में सहायक है।
Dr. Nitin Gupta (BAMS, MD Ayurveda)
आयुर्वेद विशेषज्ञ
हाथ-पैर के तालमेल में सुधार का समर्थन
लिखने और पकड़ मजबूत करने में सहायता
ध्यान और एकाग्रता में सहयोग
संतुलन और बॉडी कंट्रोल को सपोर्ट
सम्पूर्ण न्यूरोलॉजिकल हेल्थ के लिए आयुर्वेदिक पोषण